नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के विरोध में 2019 के आम चुनाव में संभावित विपक्षियों की एकजुटता की बानगी आज कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के डिनर में दिखेगी. सोनिया गांधी की यह डिनर पार्टी 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले केंद्रीय सत्ता के लिए बड़ी घटना मानी जा रही है. सोनिया गांधी ने वर्ष 2004 में भी एक ऐसे ही डिनर पार्टी का आयोजन किया था. इसके बाद ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए की नींव रखी गई थी. तब हुई उस डिनर पार्टी ने देश की सियासत में परिवर्तन ला दिया था. अब जबकि सोनिया गांधी ने एक बार फिर विपक्षी दलों को डिनर पर बुलाया है,  कांग्रेस पार्टी और कई राजनीतिक दलों को उम्मीद है कि इस ‘पार्टी’ से भी कुछ ऐसा ही करिश्मा हो सकता है.

सोनिया गांधी की तरफ से जिन 17 विपक्षी पार्टियों को डिनर का न्योता भेजा गया है, उनमें से कई नेताओं की इस पार्टी में आने की सहमति से सियासी दिग्गज यही अंदाजा लगा रहे हैं. डिनर से ठीक पहले सोनिया गांधी ने विपक्षी पार्टियों से अपील करते हुए कहा भी है कि वह राष्ट्र के हित में अपने छोटे-मोटे मतभेद भुला दें और एक मंच पर आ जाएं. इस पार्टी को सोनिया गांधी की नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. आज का डिनर विपक्षी एकता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

कई दलों के नेताओं ने दी डिनर में आने की सहमति
सोनिया गांधी के आज के डिनर में एनसीपी की तरफ से उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और तारिक अनवर मौजूद रहेंगे. शरद पवार की तरफ से कांग्रेस पार्टी के नेताओं को यह सूचना मिल गई है कि वह डिनर में शामिल हो रहे हैं. वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन और सांसद संजीव कुमार भी इस डिनर में होंगे. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव और सांसद जय प्रकाश यादव डिनर पार्टी में शामिल होंगे. कांग्रेस के नए सहयोगी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी सोनिया गांधी के घर पहुंचेंगे.

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह भी इस पार्टी में पहुंच रहे हैं. जनता दल यूनाइटेड के बागी नेता पूर्व अध्यक्ष शरद यादव और सांसद अली अनवर भी कांग्रेस नेताओं के साथ सोनिया के डिनर में मौजूद रहेंगे. सीपीएम की तरफ से पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के डी राजा भी सोनिया गांधी के डिनर में शामिल होंगे. असम की राजनीतिक पार्टी एआईयूडीएफ के अध्यक्ष और सांसद बदरुद्दीन अजमल और उनके बेटे पार्टी में मौजूद रहेंगे. साथ ही डीएमके सांसद कनिमोझी और डीएमके के कुछ दूसरे सांसदों के शामिल होने की भी संभावना है.

ममता, मायावती और अखिलेश की जगह उनके सांसद आएंगे
तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोनिया गांधी के इस बहुचर्चित डिनर में शामिल नहीं हो रही हैं. लेकिन उनकी पार्टी के डेरेक ओ ब्रायन अपने एक सांसद के साथ सोनिया गांधी के घर आएंगे. वहीं, बीएसपी प्रमुख मायावती भी सोनिया गांधी के डिनर में शामिल नहीं हो रही हैं, लेकिन वह सांसद सतीश चंद्र मिश्रा को डिनर में शामिल होने के लिए भेज रही हैं. इसी तरह समाजवादी पार्टी की तरफ से पूर्व सीएम अखिलेश यादव डिनर में नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव और धर्मेंद्र यादव के डिनर में शामिल होने की संभावना है. कांग्रेस पार्टी की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, जनार्दन दि्ववेदी, ज्योतिरादित्य सिंधिया के मौजूद रहने की संभावना है.