गुजरात में है ये मंदिर 

गुजरात राज्‍य के जामनगर में जामनगर में रणमल झील के दक्षिण पूर्व में हनुमान जी का एक चमत्‍कारी मंदिर है। इस मंदिर की स्‍थापना सन् 1540 में जामनगर की स्थापना के साथ ही हुई थी। इस मंदिर की खासियत केवल इसका अति प्राचीन होना ही नहीं है, बल्‍कि आज लोग इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्डस का हिस्‍सा होने के चलते भी पहचानते हैं। मंदिर के संरक्षकों के अनुसार 1964 में श्री भिक्‍क्षु जी महाराज ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। उसके तीन साल बाद उन्‍होंने ही श्रीराम धुन के निरंतर जाप की परंपरा प्रारंभ करवाई थी। इसी कारण इस मंदिर का विश्‍व कीर्तिमान में शामिल किया गया है।

50 साल से भी पुरानी परंपरा 

1 अगस्त 1964 में, यानि करीब 54 साल पहले महाराज जी के कहने पर हनुमान भक्‍तों ने ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ मंत्र का जाप 7 दिनों तक लगातार 24 घंटों तक करने का निर्णय लिया। जो बाद में एक अंतहीन परंपरा बन गई और आज तक जारी है। इस राम धुन के जाप में एक अौश्र विशेषता है कि इसे गाने वाले सामान्‍य भक्‍तजन ही हैं कोई पेशेवर गायक नहीं। अब तो इनकी बाकयदा सूची बना कर एक दिन पहले नोटिस बोर्ड पर लगा दी जाती है। विशेष परिस्‍थितियों के चलते भी कोई विघ्‍न ना पड़े इसके लिए चार चार गायकों का नाम अतिरिक्‍त गायकों की लिए रखा जाता है। इसके साथ ही मंदिर में कोई भी भक्त स्वयं अपनी मर्जी से भी राम धुन भजन सभा में शामिल हो सकता है।

भूकंप में भी अबाध रही सुर लहरी 

विशेष बात ये है कि मंदिर में आने वाले भक्‍तों ने अनथक प्रयास से करीब आधी सदी बीत जाने पर भी राम धुन की लहर को टूटने नहीं दिया है। यहां तक कि 2001 में गुजरात में आये विनाशकारी भूकंप के दौरान भी लोगों ने राम धुन का जाप निरंतर जारी रखा था।