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फारुक टकला का खुलासा, पाकिस्तानी ‘अंडे’ में महफूज़ है दाऊद, उसके नौकर को भी नहीं पकड़ सकते!

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नई दिल्ली। सीबीआई की गिरफ्त में दाऊद के करीबी फ़ारूक टकला ने दाऊद के बारे में अब तक का सबसे सनसनीखेज़ खुलासा किया है. सूत्रों के मुताबिक फ़ारूक ने एजेंसियों को बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स के जवान दाऊद, उसके कराची क्लिफ्टन के बंगले और उसके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करते हैं. ख़ुफ़िया एजेंसियों को दाऊद के बारे में और भी कई चौंकानेवाली जानकारियां मिली हैं. सूत्रों के मुताबिक ख़ुफ़िया एजेंसियों को पता चला है कि किसी भी बड़े इंटरनेशनल नेता के पाकिस्तान दौरे और भारत सरकार से बढ़ते दबाव के वक्त दाऊद को कुछ समय के लिए कराची से कुछ ही दूरी पर “अंडा ग्रुप ऑफ़ आईलैंड्स” पर बने एक सेफ हाउस में शिफ्ट कर दिया जाता है.

बड़ा अंडा टापू के पास है सेफ हाउस

ये सेफ हाउस ‘बड़ा अंडा’ टापू के आसपास बताया गया है. इस सेफ हाउस में अकेले दाऊद और उसकी बीवी महजबीन के अलावा और किसी को इज़ाज़त नहीं. पाकिस्तानी अधिकारी एक ख़ास फ्रीक्वेंसी पर सेटेलाइट फ़ोन के ज़रिए सीधे दाऊद से संपर्क में रहते हैं. पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की एक टीम इस सेफ हाउस की सुरक्षा में तैनात रहती है और इस दौरान पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड का एक शिप लगातार सेफ हाउस के चारो तरफ़ पेट्रोलिंग करता रहता है.

आपातकालीन हालात में दाऊद को इस सेफ हाउस से भगाने का भी ख़ास इंतज़ाम तैयार रहता है. इसके लिए यहां पाकिस्तानी कोस्टगार्ड की “नाख़ुदा” नाम एक ख़ास स्पीड बोट तैनात रखी जाती है जो दाऊद को महज़ 5 से 6 घंटों में सेफ हाउस से दुबई शिफ्ट कर सके. संजोग से मुंबई में दाऊद के इलाके को “नाख़ुदा मोहल्ला” के नाम से भी जाना जाता है. दुबई में दाऊद को रिसीव करने से लेकर उसे छिपाने का इंतज़ाम और सड़क के रास्ते दूसरी जगह शिफ्ट करने की ज़िम्मेदारी फ़ारूक टकला की हुआ करती थी. इतना ही नहीं दाऊद एक बार इस रास्ते का इस्तेमाल भी कर चुका है जब उसे उमराह कराने में फ़ारूक ने मदद की थी.

दाऊद पर दो बार जानलेवा हमला

दाऊद पर दो बार जानलेवा हमले की कोशिश की जा चुकी है. ये कोशिश साल 2000 से लेकर 2005 के बीच एक बार पाकिस्तान के लोकल गैंग और दूसरी बार छोटा राजन के शूटर्स ने की थी लेकिन पाकिस्तानी रेंजर्स की सुरक्षा के चलते ये कोशिश नाकाम ही रही. सूत्रों का दावा है कि ख़ुफ़िया एजेंसियां ये जानकारी जल्द ही सीबीआई से साझा करेंगी जिसके बाद सीबीआई इस बारे में फ़ारूक टकला से पूछताछ कर सकती है.

वहीं, सीबीआई पूछताछ के दौरान फारूक ने जांच एजेंसियों को चुनौती देते हुए कहा कि तुम दाऊद को तो क्या उसके नौकर तक को भारत नहीं ला सकते. सूत्रों के मुताबिक फारुक टकला जांच एजेंसी सहयोग न करते हुए अपना कबूलनामा देने को तैयार नहीं है. वह पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बीमार होने और तबीयत खराब होने का हवाला भी दे रहा है. फारुक टकला ने सीबीआई को बताया कि उसकी ख्वाहिश है कि वह भारत में ही आखिरी सांस ले और मरने के बाद उसे मुंबई में ही दो गज जमीन नसीब हो.

इससे पहले फारुक ने सीबीआई हिरासत में शुरुआती पूछताछ के दौरान बताया कि उसके परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे हैं जो दुबई में पिछले कई सालों से उसके साथ ही रहते हैं. बड़ा बेटा पोस्टग्रेजुएट है और उसने कुछ महीनों पहले ही अपनी नौकरी छोड़ी. जबकि छोटा बेटा अभी भी कॉमर्स की पढ़ाई कर रहा है. जांच एजेंसियों से बचने के लिए फारूक भी कंपनी से दूर रह कर दुबई में काफी सालों से टैक्सी चलाने का काम कर रहा था. उसकी मां की तबीयत बेहद खराब है जो मुंबई में के जुड़वा भाई अहमद के साथ रहती है.

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