लखनऊ: निकाय चुनाव के परिणाम आने के साथ ही गोरखपुर में भाजपा की बिगड़ती स्थिति का पता चल गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपने वार्ड में भाजपा पार्षद को हार का मुंह देखना पड़ा था. साथ ही नगर निगम के 70 वार्डों में से बीजेपी सिर्फ 27 वार्डों में ही जीत सकती थी. इसके बावजूद भाजपा पदाधिकारियों और लोकल कार्यकर्ताओं ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और नतीजा सबके सामने है.

बीते कुछ महीने हुए निकाय चुनाव में पूरे प्रदेश में भाजपा को एक तरफा विजय मिली थी. इस दौरान भाजपा ने जहां मेयर सीट कब्जाई, वहीं वार्डों में भाजपा के सीटों की संख्या में कमी आई. गोरखपुर नगर निगम चुनाव में कुल 70 वार्डों पर चुनाव हुए थे. इसमें भाजपा के खाते में सिर्फ 27 सीटें गईं थीं, जबकि सपा ने 17 सीटों पर कब्जा जमाया था. इसके अलावा बीएसपी ने पांच और कांग्रेस ने तीन वार्डों पर जीत पाई थी. चुनाव के दौरान 18 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे थे. देखा जाए तो 70 वार्डों वाले निगम में आधी सीट (35) भी नहीं जीत पाना भाजपा के लिए मंथन का विषय था. लेकिन भाजपाईयों की सुस्ती ने विपक्षी दलों को मुस्कुराने का मौका दे दिया.

सीएम के वार्ड में हुई थी भाजपा की हार
सीएम योगी आदित्‍यनाथ के वार्ड संख्‍या 68 पुराना गोरखपुर में निर्दलीय पार्षद प्रत्‍याशी नादरा खातून ने बीजेपी के माया त्रिपाठी को 462 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी. निर्दलीय प्रत्याशी नादरा खातून को 1783 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी माया त्रिपाठी को मात्र 1321 वोट मिलें थे.

गोरखपुर नगर निगम में 70 वार्डों के परिणाम
बीजेपी- 27
सपा -17
निर्दल – 18
बीएसपी- 5
कांग्रेस- 3