बर्लिन (एपी)। जर्मनी की संसद में बुधवार को एंजेला मर्केल को चौथी बार देश की चांसलर चुन लिया गया। उनके फिर से चांसलर बनने से यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले इस देश में पिछले छह माह से जारी सियासी अनिश्चितता का दौर समाप्त हो गया। पिछले साल 24 सितंबर को आम चुनाव के नतीजे आए थे लेकिन किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण जर्मनी सियासी अनिश्चितता के दौर में चला गया था।

जर्मन मीडिया के अनुसार, मर्केल के पक्ष में 364 और विरोध में 315 सांसदों ने वोट डाला। वह साल 2005 से निर्विरोध जर्मनी की नेता हैं। 709 सदस्यों वाली संसद में मर्केल के नेतृत्व वाली कंजरवेटिव क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन, इसकी सहयोगी पार्टी क्रिश्चियन सोशल यूनियन और सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) गठबंधन के पास 399 सीटें हैं। देश में नई सरकार के गठन का रास्ता चुनाव के नतीजे आने के 171 दिनों बाद साफ हुआ है। पिछली सरकार में भी एसपीडी ने मर्केल का समर्थन किया था लेकिन आम चुनाव से पहले वह गठबंधन से अलग हो गई थी।

एसपीडी के समर्थन से नई सरकार

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद चुनाव में अपने सबसे खराब प्रदर्शन के चलते एसपीडी ने विपक्ष में बैठने का फैसला किया था लेकिन बाद में नई सरकार के गठन के लिए मर्केल की पार्टी के साथ वार्ता को तैयार हो गई थी। इस महीने की शुरुआत में एसपीडी के दो तिहाई सदस्यों ने मर्केल की पार्टी के साथ गठबंधन सरकार में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद मर्केल के चांसलर बनने का रास्ता तैयार हुआ।